1 लाख का इनामी तस्कर श्यामसुंदर गिरफ्तार

 1 लाख का इनामी तस्कर श्यामसुंदर गिरफ्तार


जोधपुर। जालोर के बागरा थाना क्षेत्र में पुलिस पर फायरिंग करने वाले एक लाख रुपए के इनामी तस्कर श्यामसुंदर को एएनटीएफ ने जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। बाड़मेर के सेवड़ा क्षेत्र के सोमरड़ी निवासी श्यामसुंदर राजस्थान पुलिस के टॉपमोस्ट वांटेड तस्करों में शामिल था। एएनटीएफ ने ऑपरेशन वंशीधर-2.0 के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 20 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उसे पकड़ा।

एएनटीएफ आईजी विकास कुमार के अनुसार, टीम को सूचना मिली थी कि श्यामसुंदर कार से बाड़मेर की ओर से जोधपुर आ रहा है। इसके बाद एक टीम को बोरानाडा पेप्सी चौराहे और दूसरी टीम को जोधपुर-बाड़मेर रोड पर धवा गांव के पास तैनात किया गया। धवा के पास पुलिस टीम ने उसकी कार का पीछा शुरू किया और बोरानाडा टीम को अलर्ट किया।

नाकाबंदी देखकर श्यामसुंदर ने पुलिस से बचने के लिए कार को कच्ची सड़क पर उतार दिया। पुलिस ने स्टॉप स्टिक लगाकर वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नारनाडी गांव की कच्ची सड़क पर भागने लगा। पुलिस टीम ने सामने से वाहन लगाकर उसे रोकने की कोशिश की तो उसने पुलिस वाहन को टक्कर मार दी। इसके बाद वह कार छोड़कर बबूल और झाड़ियों की आड़ में पैदल भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। 


मणिपुर से लाता था अफीम की बड़ी खेप

एएनटीएफ के अनुसार, श्यामसुंदर मणिपुर और मिजोरम के आइजोल क्षेत्र से अफीम की बड़ी खेप मारवाड़ में सप्लाई करता था। वह मणिपुर में सेकंड हैंड वाहन खरीदकर उनमें मादक पदार्थ छिपाता और राजस्थान लाता था। एक बार में 30 से 60 किलो तक अफीम की खेप पहुंचाने की बात सामने आई है। वह लंबी दूरी की तस्करी के दौरान वाहन बदलने और पहचान छिपाने जैसे तरीके अपनाता था।

2024 में भी हो चुका है गिरफ्तार

श्यामसुंदर को वर्ष 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद उसने दोबारा अपने पुराने संपर्क सक्रिय किए और तस्करी शुरू कर दी। एएनटीएफ के मुताबिक, वह कुख्यात तस्करों बिंदराराम और गोवर्धन के संपर्क में भी रहा और उनसे तस्करी के तौर-तरीके सीखने के बाद अपना नेटवर्क खड़ा किया।

करीब 15 साल से तस्करी में सक्रिय

एएनटीएफ के अनुसार, श्यामसुंदर करीब 15 साल से मादक पदार्थ तस्करी में सक्रिय है और उसके खिलाफ करीब 15 मामले दर्ज हैं। वह मादक पदार्थों से भरे वाहनों की एस्कॉटिंग भी करता था। वर्ष 2020 में सिरोही कोतवाली पुलिस की नाकाबंदी के दौरान उसने अपने साथियों के साथ पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की थी। इसके बाद जालोर के बागरा थाना क्षेत्र में भी पुलिस नाकाबंदी के दौरान फायरिंग का मामला सामने आया था।

तीन बार पुलिस को चकमा दे चुका था

एएनटीएफ ने पिछले 10 महीनों में श्यामसुंदर को पकड़ने के लिए तीन बार प्रयास किए। पहली बार सांचौर की इंद्रा कॉलोनी में तस्कर साथी के मकान पर दबिश दी गई, लेकिन वह भाग निकला। दूसरी बार बारां में भी वह पुलिस के हाथ नहीं आया। तीसरे प्रयास में उसके मणिपुर से मध्यप्रदेश और बारां होते हुए जोधपुर आने की सूचना मिली, लेकिन वह फिर फरार हो गया। आखिरकार ऑपरेशन वंशीधर-2.0 के तहत एएनटीएफ ने जोधपुर में उसे गिरफ्तार कर लिया।

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