सुधार नीति

 मरुधर आईना (Marudhara Aaina) अपने पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और तथ्य-आधारित समाचार पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारी संपादकीय टीम किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले उसकी पूरी सावधानी से जाँच करती है। हालाँकि, यदि किसी खबर में अनजाने में कोई तथ्यात्मक त्रुटि या भूल हो जाती है, तो उसे तुरंत, पारदर्शी और ज़िम्मेदारी के साथ सुधारना हमारी प्राथमिक नीति है।

1. भूल सुधार की प्रक्रिया (How We Handle Corrections)

  • त्वरित संशोधन: जैसे ही किसी प्रकाशित खबर में किसी गलती या तथ्यात्मक त्रुटि का पता चलता है, हमारी संपादकीय टीम बिना किसी देरी के उसे अपडेट करती है।

  • पारदर्शिता (Correction Notice): यदि खबर के अर्थ या मुख्य तथ्यों में कोई बड़ा बदलाव किया जाता है, तो उस लेख के अंत में स्पष्ट रूप से एक नोट जोड़ा जाता है। उदाहरण:

    संशोधन नोट (Correction Notice): इस खबर में पूर्व में [गलत तथ्य] प्रकाशित हो गया था, जिसे बदलकर [सही तथ्य] कर दिया गया है। यह संशोधन [तारीख/समय] पर किया गया है।

  • टाइपो या व्याकरण संबंधी सुधार: छोटे-मोटे स्पेलिंग, टाइपिंग या व्याकरण (Grammar) के सुधारों के लिए बिना अलग से नोटिस जारी किए लेख को सीधे अपडेट कर दिया जाता है, बशर्ते उससे खबर के मूल तथ्य पर कोई असर न पड़ता हो।

2. सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफ़ॉर्म

यदि किसी गलत या अधूरी जानकारी वाली खबर का लिंक हमारे आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल (जैसे Facebook, X/Twitter, WhatsApp) पर साझा किया गया हो, तो:

  • सही जानकारी के साथ अपडेटेड खबर का लिंक पुनः पोस्ट किया जाता है।

  • आवश्यकता पड़ने पर सोशल मीडिया पर भी सुधार से जुड़ी स्पष्टीकरण टिप्पणी जोड़ी जाती है।

3. पाठक कैसे दें त्रुटि की जानकारी? (How Readers Can Report Errors)

यदि आपको मरुधर आईना की वेबसाइट (marudharaaina.in) पर प्रकाशित किसी खबर में कोई गलती, तथ्यात्मक त्रुटि या अधूरी जानकारी दिखाई देती है, तो आप हमें सीधे सूचित कर सकते हैं:

  • ईमेल करें: editor@marudharaaina.in या corrections@marudharaaina.in

  • ईमेल का विषय (Subject): "Correction Request - [खबर का शीर्षक]"

  • ईमेल में शामिल करें:

    1. संबंधित खबर का URL (वेबसाइट लिंक)

    2. खबर में मौजूद त्रुटि का विवरण

    3. सही तथ्य और उसका प्रामाणिक स्रोत (यदि उपलब्ध हो)

हमारी संपादकीय टीम आपके द्वारा दी गई जानकारी की जाँच करेगी और तथ्य सही पाए जाने पर निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक सुधार करेगी।