जालोर में कांग्रेस की जनसभा में पाराशर के भाजपा पर आरोप, बोले- हार के बाद पार्षदों को धमकाने का दावा
जालोर। नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति बंशीलाल माली के पदभार ग्रहण करने के बाद गुरुवार शाम कांग्रेस की ओर से विजय जुलूस निकाला गया। इसके बाद रात में कांग्रेस कार्यालय में जनसभा आयोजित की गई। सभा में कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर ने भाजपा पर कई आरोप लगाए और कांग्रेस पार्षदों से एकजुट रहकर काम करने की अपील की।
पाराशर ने कहा कि कांग्रेस का बोर्ड बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में हारने के बाद कुछ लोग पार्षदों और कार्यकर्ताओं को धमकियां दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऑडियो की सत्यता अभी स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी पार्षद या कार्यकर्ता को धमकी मिलने पर तत्काल सूचना दी जाए।
सड़क और सुंदेलाव तालाब को लेकर सवाल
पाराशर ने जालोर शहर की सड़कों और सीवरेज व्यवस्था को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार को करीब तीन साल हो गए हैं और इससे पहले भी जालोर नगर परिषद में लंबे समय तक भाजपा का बोर्ड रहा। इसके बावजूद शहर में सड़कें और सीवरेज की समस्याएं बनी हुई हैं।
उन्होंने सुंदेलाव तालाब की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। साथ ही भाजपा नेता जोगेश्वर गर्ग पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार में मंत्री रहते हुए जालोर के विकास के लिए पर्याप्त बजट नहीं ला पाए। पाराशर ने पिछले तीन वर्षों में स्वीकृत कराए गए विकास कार्यों का नाम बताने की चुनौती भी दी।
आरओबी और मेडिकल कॉलेज का मुद्दा उठा
जनसभा में आरओबी और मेडिकल कॉलेज का मुद्दा भी उठाया गया। पाराशर ने आरओबी की स्वीकृति को लेकर भाजपा और कांग्रेस के नेताओं के दावों पर सवाल उठाए।
मेडिकल कॉलेज को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय करीब 350 करोड़ रुपए की स्वीकृति हुई थी। टेंडर और काम शुरू होने के बाद निर्माण रुकने को लेकर उन्होंने जवाब मांगा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड पर दिए जाने की चर्चाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा होने पर कांग्रेस इसका विरोध करेगी।
पार्षदों को वार्डों में जाने की अपील
पाराशर ने सभापति बंशीलाल माली, उपसभापति और सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्डों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान पर काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कांग्रेस पार्षदों को जनता के बीच रहकर काम करना होगा। साथ ही उन्होंने पार्षदों और कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव या धमकी की जानकारी तत्काल देने को कहा।
बाड़ेबंदी को लेकर भी लगाए आरोप
पाराशर ने नगर परिषद चुनाव के दौरान हुई पार्षदों की बाड़ेबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि पार्षदों को जैसलमेर से पचपदरा और फिर कुंभलगढ़ ले जाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान एक बस ऑपरेटर ने धमकी मिलने की बात कहते हुए बस भेजने में असमर्थता जताई थी।
उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय और स्थानीय प्रशासन के कुछ अधिकारियों पर कांग्रेस पार्षदों पर नजर रखने और भाजपा का बोर्ड बनाने के लिए दबाव डालने के आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष इस विवरण में शामिल नहीं है।
जनसभा में कांग्रेस के पार्षद, कार्यकर्ता और शहरवासी मौजूद रहे।