नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयन्ती मनाकर कामधेनु सैनिकों ने किया याद
देश की आजादी में बोस की थी विशेष भूमिका - राष्ट्रीय महासचिव
एक आईना भारत
नागौर। कामधेनु सेना के राष्ट्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय महासचिव दिपेन्द्रसिंह राठौड़ के नेतृत्व में आज नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के चित्रपट्ट पर पुष्प अर्पित कर 125वीं जयन्ती मनाई गई। जयन्ती के अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि गुलामी की बेड़ियों से देश को आजाद कराने में नेताजी की अहम भूमिका थी। उनके अदम्य साहस और वीरता के सम्मान में आज सम्पूर्ण देश में उनकी जयन्ती को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने के लिए नेताजी ने 'आजाद हिंद फौज' का गठन किया। इसके बाद सुभाषचंद्र बोस अपनी फौज के साथ बर्मा (अब म्यांमार) पहुंचे, जहां उन्होंने 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' का नारा दिया नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत के उन महान स्वतंत्रता सेनानियों में शामिल हैं जिनसे आज के युवा वर्ग को प्रेरणा मिलती है। सुभाष चंद्र बोस मानते थे कि भागवत गीता उनके लिए प्रेरणा का मुख्य आधार स्तम्भ थी।
इस मौके पर कामधेनु सेना के मध्यप्रदेश राज्य प्रदेशाध्यक्ष श्रवणपुरी गोस्वामी, सीताराम पारीक, आशाराम सियोल, दिनेश बारूपाल, रामूराम जांगू, प्रकाश राव, सुरेन्द्र पंचारिया, भैराराम इत्यादि कामधेनु सैनिक उपस्थित रहे।

