Newsसंकीर्तन यात्रा में महामण्डलेश्वर, संतो व भक्तों का रहा सानिध्य, 21 किलो की हुई पुष्प वर्षा

देवी ममता ने भव्य संकीर्तन यात्रा निकालकर मनाया पर्व
भगवन नाम ही इस युग में भगवतप्राप्ति का मुख्य साधन है-देवी ममता 
संकीर्तन यात्रा में महामण्डलेश्वर, संतो व भक्तों का रहा सानिध्य, 21 किलो की हुई पुष्प वर्षा 

एक आईना भारत 

नागौर भागवत सेवा प्रकल्प ट्रस्ट ने देवी ममता, महामण्डलेश्वर स्वामी कुशालगिरी महाराज व संतो के सानिध्य में विश्व स्तरीय गो चिकित्सालय में संकीर्तन करते हुए सम्पूर्ण परिसर की परिक्रमा कर संकीर्तन दिवस मनाया। 
कथा मीडिया प्रभारी कंचन पंचारीया ने बताया की इस अवसर पर फुलचन्द एण्ड पार्टी ने ढोलक, मंजीरा, जिंजा, हारमोनियम, झालर, शंख, नगाड़ा, टंकोरा इत्यादि अनेक वाद्य यंत्रों द्वारा सुन्दर भगवान कृष्ण के अनेक प्रकार के संकीर्तन करते हुए भव्य संकीर्तन यात्रा निकाली। जिसमें खींवसर से पुज्य संत सीताराम महाराज, सुन्दरदास महाराज व गोविंदराम महाराज का आगमन हुआ। इस यात्रा के दौरान 21 किलो की पुष्प वर्षा की गई। 
मीडिया प्रभारी ने बताया कि प्रातः का यह वातावरण भक्तिमय हो गया था। यह नजारा बड़ा ही अप्रतीम व सुहावना लग रहा था। 
इस दौरान कथा वाचिका देवी ममता ने संकीर्तन की महिमा को बताते हुए कहा की भगवत प्राप्ति के लिए इस कलयुग में भगवन नाम कीर्तन ही मुख्य साधन है। बड़े-बड़े यज्ञ , अनुष्ठान आदि से जो फल सतयुग व त्रेतायुग में मिलता था वह कलयुग में केवल हरि ध्यान व संकीर्तन से मिलता है और हरिनाम कीर्तन से ही जगत का उध्दार संभव है। भगवन नाम का संकीर्तन इस प्रकार संसार के दुःखों को नष्ठ कर देता है एवं सारा विश्व आनंद से ओत-प्रोत हो जाता है। सर्वशास्त्रों का मन्थन करने के बाद, बार-बार विचार करने के बाद, ऋषि-मुनियों को जो एक सत्य लगा, वह है भगवन नाम संकीर्तन।
इस अवसर पर विभिन्न जगहों से आये पाली से विजयपाल चेऊ, छोटूसिंह राणा, धनराज सोनी, बजरंग सोनी, गणेश सोनी, कोमल सोनी, 
शारदा सोनी, सीतादेवी सोनी, गंगा सोनी, जोधपुर से करण भाटी, जतिन भाटी, संतोष भाटी, प्रेम भाटी एवं चेल्सी भाटी  इत्यादि बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
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