एक आईना भारत
कलश यात्रा के साथ भादीपीठ में आठ दिवसीय विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का हुआ आगाज
कुचामन सिटी से संवाददाता रामनिवास प्रजापति
मीठडी कस्बे में लीचाना रोड पर स्थित भादीपीठ मंदिर शुक्रवार को सुबह भादीपीठाधिश्वर मंहत रेवती रमण दास महाराज ने ध्वजारोहण व पुजारी अशोक गौड ने भादीबिहारी की प्रतिमा अभिषेक के साथ विशेष श्रृंगार किया।भादीपीठ परिकर अम्बिका शरण दाधिच ने बताया कि तत्पश्चात कुमावत मौहल्ला में स्थित शिव मंदिर से गाजे बाजे के साथ कलश यात्रा का शुभारंभ हुआ। महिलाओं ने नये परिधान पहनकर कर मंगल गाते हुए सिर पर कलश धारण कर चल रही थी।कलश यात्रा में मुख्य यजमान अमृतलाल जांगीड नावां थे।जिन्होंने भागवत जी की पोथी को सिर धारण किया। पंडित गोपाल जोशी ने वैदिक मंत्रौउचारण कर यजमान जांगीड को सहपत्नीक गुरु महाराज व भागवत जी की आरती व पूजा अर्चना करायी । वहीं कलश यात्रा का ग्रामीणों ने जगह जगह पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया। वहीं ग्रामीणों ने मंहत श्री के दर्शन कर आर्शीवाद लिया। वहीं श्रीमद्भागवत के प्रथम दिन वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक सोनू श्याम महाराज ने कथा का रसास्वादन कराते हुए कहा कि भागवत कोई पोथी या कथा ,ज्ञान यज्ञ नहीं है यह तो साक्षात ठाकुरजी का वांगमय स्वरुप है। भागवत का शाब्दिक अर्थ बताते हुए सोनू श्याम महाराज ने कहा कि भागवत सत-चित-आनंद है। यानी कि भागवत सत्य है जो कभी नष्ट नहीं होगा, चित यानी मन का पति है, आनंद यानी भगवान के स्मरण प्राप्त, भक्ति से जो प्राप्त होता है वह आनंद है। जबकि आम भाषा में लोग अपनी सुख सुविधाओं को प्राप्त करने को आनंद कहते हैं। पर यह आनंद चिर स्थाई नहीं है। क्षणिक है। पर भक्ति आनंद में एक डूबने के बाद ओर किसी आनंद की आवश्यकता नहीं रहतीं हैं। इससे पूर्व भादीपीठाधिश्वर मंहत रेवती रमण दास महाराज व श्रद्धालुओं ने भागवत जी की आरती, निकुंजगामी मंहत राधाचरण दास महाराज की आरती का गायन किया। तत्पश्चात प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं मंदिर परिसर में विद्वान पंडितों द्वारा रामचरितमानस, श्रीमद्भागवत, गोपालसहस्त्रनाम,राधा कृपा कटाक्ष,युगल मंत्र आदि का पठन अनवरत जारी है। इस दौरान भादीपीठाधिश्वर मंहत रेवती रमण दास महाराज ,सनकादीक महाराज सलेमाबाद, केशवदास बाबा वृंदावन, जमनादास बाबा वृंदावन, गोविन्द दास, घनश्याम दास ,गोपाल स्वामी, अनिल मोजिका, प्रभूसिह गहलोत, त्रिलोक कुमावत, नेमीचंद कुमावत चक्की फैक्ट्री, चंद्रशेखर, गौशाला अध्यक्ष प्रकाश गंगवाल,संतोष शर्मा,प्रदीप मिश्रा, दुडाराम जायलवाल, बोदू सिंह गहलोत, देवी सिंह राठौड़, विपिन खंडेवाल व मातृशक्ति मौजूद थी।